1. आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो |
2. आवेदक केवल 16 वर्ष से 40 वर्ष की बालिका या महिला हो |( प्रशिक्षणार्थी जिस वर्ष प्रशिक्षण लेने के इच्छुक है उस वर्ष की 1 जनवरी को वह उक्त आयु सीमा में होना अवशक है | )
3. आवेदक 12 वीं कक्षा पास हो |
इंदिरा महिला शक्ति प्रशिक्षण एवं कौशल संवर्धन योजना RS-CIT
1. आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो |
2. आवेदक केवल 16 वर्ष से 40 वर्ष की बालिका या महिला हो |
3. आवेदक राजकीय शाला से 10 वीं पास हो |
4. आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और साथिन भी इस योजना की पात्र होंगी |
5. ऐसी महिला जो घेरलू हिंसा, हिंसा , अपराजिता भी पात्र होंगी जो अनुकूल शैक्षणिक योग्यता रखती हैं|
कौशल संवर्धन एवं प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत् इंदिरा महिला शक्ति - कौशल सामर्थ्य
1. आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो |
2. आवेदक केवल 16 वर्ष से अधिक की बालिका या महिला हो |
3. निम्नलिखित वर्ग की बालिका /महिला को पंजीकरण में प्राथमिकता दी जाएगी |
1. विधवा एवं परित्यक्त|
2. हिंसा से पीड़ित महिला |
3. असाध्य रोग से पीड़ित|
4. सिल्कोसिस से ग्रस्त परिवार का सदस्य|
5. स्ट्रीट -वेंडर|
6.हाउस -मेड|
7. एन.एफ.एस.ए/बी.पी.एल/अन्तोदय|
8. अनुसूचित जाति , अनुसूचित जन जाति की अल्प आय वर्ग
9. घुमंतू जाति |
10. आर्थिक रूप से अत्यंत पिछडी अल्प आय वर्ग |
11. श्रमिक|
12. स्वयं सहायता समूहके सदस्य|
इंदिरा महिला शक्ति कौशल संवर्धन एवं प्रशिक्षण योजना - शिक्षा सेतु योजना
1. आवेदक राजस्थान राज्य का मूल निवासी हो |
2.आवेदक केवल बालिका या महिला हो |
3. विद्यालय से ड्राप आउट बालिकाएं या महिलाएं जो किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गई हों |
इंदिरा गाँधी मातृत्व पोषण योजना
1. आवेदक राजस्थान राज्य के प्रतापगढ, डूंगरपुर बांसवारा , बारा और उदयपुर जिलों के निवासी हों |
2. ऐसी महिला जो 01/11/2020 को या उस तारीख के बाद दूसरी संतान के साथ गर्भवती हो या उस तारीख के बाद दूसरी संतान के लिए प्रथम बार एएन सी के रूप में पंजीकृत हुई हो| (अंतिम माहवारी से 120 दिन के भीतर ए एन सी पंजीयन हो जाये )
3. लाभार्थी की गर्भावस्था की तारीख, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के ऑनलाइन पोर्टल गर्भावस्था और बाल ट्रेकिंग प्रणाली में दर्ज उसकी अंतिम माहवारी की तिथि से गिनी जाएगी|
4. जो महिलाएं केंद्र सरकार और राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम में नियमित रूप से रोज़गार में है या जो किसी अन्य कानून के तहत इसी तरह का लाभ प्राप्त कर रही हों वो इस योजना की पात्र नहीं होंगी |
5. योजना के पंजीकृत लाभार्थी का किसी कारणवश गर्भ गिरने /चिकित्सा से गर्भसमाप्ति /मृत शिशु के जन्म की स्थिती में भी द्वितीय संतान की स्तिथि में भी लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होगी , भले ही उसे पहले सभी किश्तों का लाभ मिला हो |
6. योजना की शर्तों को पूरा करते हुए, गर्भवती और स्तनपान करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता /आंगनवाड़ी सहायिका/आशा सहयोगनी/साथिन भी इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं |
7. कोई भी महिला इंदिरा गाँधी मातृत्व पोषण योजना और समान शर्तों से जुडी प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में से किसी एक का ही लाभ प्राप्त कर सकती हैं |
8. यदि किसी चरण की पालना लाभार्थी द्वारा नहीं की गई है , तो उस चरण की देये राशी उसे प्रदान नहीं की जाएगी |परन्तु एक चरण के उपरांत यदि अगले चरण में उसके द्वारा अगले चरण की शर्त पूरी की जाती है, तो उसे उस अगले चरण की राशि प्रदान की जाएगी|
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
1.ऐसी गर्भवती महिलाओं एवं स्तनपान कराने वाली माताओं को छोड़कर जो केंद्र सरकार या राज्य सरकार या सार्वजनिक उपक्रम के साथ नियमित रोजगार में है या जो वर्तमान में लागू किसी कानून के अंतर्गत समान लाभ प्राप्त कर रही है, सभी गर्भवती महिलाएं एवं स्तनपान कराने वाली माताएं।
2. ‘‘प्रधानमंत्री मात वन्दना योजना’’ दिनांक 01.01.2017 से राज्य में प्रभावी होगी अर्थात दिनांक 01.01.2017 को या उसके पश्चात प्रथम जीवित बच्चे से संबंधित समस्त गर्भवती महिलाएँ एवं धात्री माताएँ योजना में पात्र होंगी। इस योजना के तहत एक लाभार्थी केवल एक बार योजना के तहत सशर्त मातृत्व लाभ प्राप्त करने हेतु पात्र होगा।
3. लाभार्थी के लिए गर्भधारण की तिथि तथा चरण की गणना एमसीपी कार्ड में यथाल्लेखित उस की पिछले माहवारी चक्र की तिथि के आधार पर की जाएगी।
4. गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता/आंगवाड़ी सहायिका/आशा भी योजना की शर्तों की पूर्ति के बाद प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त कर सकती है।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना
1. ऐसी बालिका जिसका जन्म जून 2016 अथवा उसके पश्चात् होगा |
2. हितग्राही के पास आधार और जन आधार कार्ड होना आवश्यक है | यदि प्रथम किश्त का लाभ लेते समय हितग्राही के पास आधार और जन आधार कार्ड नहीं है , तो भी प्रथम किश्त का लाभ संस्थागत प्रसव के अधार पर प्रदान किया जायेगा किन्तु दूसरी किश्त का लाभ लेने से पूर्व आधार अथवा जन आधार कार्ड की प्रति उपलब्ध करना आवश्यक होगा |
3. योजना का लाभ राजस्थान के मूल निवासी प्रसूताओं के लिए देय है | ऐसी प्रसूताऐ जिनका संस्थागत प्रसव राज्य के बाहर हुआ है एवं जननी सुरक्षा योजना का परिलाभ प्राप्त किया है , को बालिका के जीवित जन्म का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री राजश्री योजना का लाभ मूल निवास क्षेत्राधिकार वाले राजकीय चिकित्सा संसथान से देय होगा | राजस्थान राज्य के बाहर की प्रसूता को मुख्यमंत्री राजश्री योजना के परिलाभ देय नहीं होगा |
4. प्रथम एवं द्वितीय किश्त का लाभ सभी संस्थागत प्रसव से जन्म लेने वाली बालिकाओं को देय होगा | यह लाभ दिनाकं 31.05.2016 की मध्य रात्रि के पश्चात् जन्म लेने वाली सभी बालिकाओं को देय होगा | तीसरी एवं पश्चातवर्ती किश्तों का लाभ एक परिवार में अधिकतम दो जीवित सन्तानों की संख्या दो से अधिक नहीं होगी | इस हेतु निर्धारित प्रकिया के अनुसार माता –पिता को स्व-घोषणा प्रस्तुत /अपलोड करना अनिवार्य होगा|
5. यदि माता –पिता के ऐसी बालिका की मृत्यु हो जाती है जिसे एक या दो किश्तों का लाभ दिया जा चुका हो तो ऐसे माता –पिता के यदि एक बालिका और जन्म लेती है तो वह लाभ की पात्र होंगी | तीसरी एवं पश्चातवर्ती किश्तों का लाभ अधिकतम दो जीवित संतान तक ही सीमित होगा |
6. प्रथम किश्त हेतु राज्य के राजकीय एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्यविभाग द्वारा संस्थागत प्रसाव हेतु अधिकृत निजी चिकित्सा संस्थानों में प्रसव से जन्म लेना आवश्यक होगा |
7. दूसरी किश्त का लाभ चिकित्सा एवं स्वास्थय विभाग द्वारा जारी मात्र – शिशु स्वास्थ्य कार्ड /ममता कार्ड के अनुसार सभी टीके लगवाने के आधार पर देय होगा |
8. प्रथम किश्त से लाभ पाने वाले लाभार्थी को समेकित बाल विकास सेवाओं के माध्यम से आंगनवाडी केंद्र से जोड़ने का प्रयास किया जायेगा|
9. मुख्यमंत्री राजश्री योजना का द्वितीय एवं तीसरी किश्त का लाभ तभी मिलेगा जब हितग्राही ने प्रथम किश्त का लाभ प्राप्त किया होगा |
10.ऐसी बालिकाएं लाभ की पात्र होंगी जो राज्य सरकार द्वारा संचालित शिक्षण संस्थाओं में प्रत्येक चरण में (कक्षा 1,6, 10, तथा 12) शिक्षारत है /रही हैं |
11.योजना की अगली किश्त पूर्व में सभी किश्तें प्राप्त करने की स्थिति में ही देय होगा|