1. लड़की के पिता या माता अथवा दोनों कम से कम एक वर्ष से मंडल में पंजीकृत हिताधिकारी/निर्माण श्रमिक हो|
2. हिताधिकारी की अधिकतम दो पुत्रियों अथवा महिला हिताधिकारी को और उसकी एक पुत्री को प्रोत्साहन राशि देय होगी|
3. महिला हिताधिकारी अविवाहिता हो अथवा हिताधिकारी पुत्री की आयु न्यूनतम 18 वर्ष पूर्ण हो गई हो तथा वह अविवाहिता हो|
4.हिताधिकारी की पुत्री /महिला हिताधिकारी कम से कम 8 वीं कक्षा उत्तीर्ण हो|
5. हिताधिकारी की पुत्री /महिला हिताधिकारी के नाम से बचत बैंक खाता हो|
6. हिताधिकारी का स्वयं का आवास होने की स्तिथि में आवास में शौचालय हो|
7. आवेदन की तिथि से पूर्व के एक वर्ष की अवधि में हिताधिकारी कम से कम 90 दिन निर्माण श्रमिक के रूप में कार्यरत रहा हो|
8. प्रोत्साहन राशि हिताधिकारी के निर्माण श्रमिक होने के भौतिक सत्यापन की शर्त पर ही देय होगी| निर्माण श्रमिक होने का सत्यापन तहसीलदार, विकास अधिकारी , सहायक व् उच्च अभियन्ता, सरकारी माध्यमिक विद्यालय का प्रधानाध्यापक अथवा अन्य राजपत्रित अधिकारी द्वारा किया जा सकेगा|
9. प्रोत्साहन राशि का उपयोग महिला हिताधिकारी/पुत्री के विवेक के अनुसार आगे शिक्षा या व्यवसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने, स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने, कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करने आदि में तथा स्वयं के विवाह हेतु उपयोग में लिया जाएगा (स्वयं का व्यवसाय प्रारंभ करने ,या कौशल विकास करने या व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए लड़की को उचित परामर्श प्रदान किया जाएगा) |
10. योजना का हितलाभ प्राप्त करने के लिए हिताधिकारी द्वारा निर्धारित प्रपत्र में आवेदन, पंजीकृत हिताधिकारी के रूप में एक वर्ष पूरा होने के पश्चात् प्रस्तुत किया जायेगा ,परन्तु यह आवश्यक होगा की योजना का आवेदन प्रस्तुत करने के समय हिताधिकारी का परिचय – पत्र वैध /एक्टिव हो|
11. जिन लड़कियों के लिए हिताधिकारी को पूर्व में मंडल की विवाह सहायता योजना के अंतर्गत सहयता प्राप्त हो चुकी है , उन्हें इस योजना में सहायता देय नहीं होगी|
निर्माण श्रमिक जीवन व भविष्य सुरक्षा योजना
1. मंडल में हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो|
2. हिताधिकारी के नाम से बैंक में बचत खाता हो|
3. हिताधिकारी के पास आधार कार्ड एवं भामाशाह कार्ड/ जन आधार हो|
4. हिताधिकारी प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना , प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा अटल पेंशन योजना के सदस्यता हेतु पात्रता धारक हो तथा उसके द्वारा स्वयं के बचत बैंक खाते से इन योजनाओं या इसमें से किन्ही योजना के अंशदान /प्रीमियम राशि की कटौती किये जाने की सहमती सम्बंधित बैंक को दी गई हो|
5. हिताधिकारी द्वारा स्वयं के बचत बैंक खाते के माध्यम से इन योजनाओं के वार्षिक अंशदान /प्रीमियम राशि की कटौती कराई गई हो|
निर्माण श्रमिक शिक्षा व कौशल विकास योजना
1. मंडल में हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो|
2. हिताधिकारी के पुत्र / पुत्री /पत्नी ही शिक्षा सहायता (छात्रवृत्ति) योजना के लिए पात्र होंगे|
3. हिताधिकारी की अधिकतम दो संतान अथवा एक संतान एवं पत्नी को ही छात्रवृत्ति प्राप्त करने की पात्रता होगी, परन्तु यदि पति पत्नी दोनों पंजीबद्ध हिताधिकारी हो तो पति पत्नी के अधिकतम दो बच्चो को छात्रवृत्ति की पात्रता होगी परन्तु मेधावी छात्रा -छात्राओं को नगद पुरस्कार के लिये कोई सीमा नहीं होगी |
4. कक्षा 6 से पोस्ट ग्रेजुएट स्तर की कक्षा में सरकारी या केंद्र / राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त निजी स्कूल या महाविद्यालय में नियमित रूप में अध्ययनरत हो |
5. राज्य में संचालित सरकारी या मान्य निजी आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रम में नियमित अध्ययनरत हो |
6. मेधावी छात्रा छात्रा द्वारा नगद पुरस्कार प्राप्त करने के लिए कक्षा 8वी से 12वी तक की परीक्षा 75 % अंक या समकक्ष ग्रेड में उत्तीर्ण की हो| डिप्लोमा ग्रेजुएट ,पोस्ट ग्रेजुएट स्तर की परिक्षा में (चिकित्सा,इंजीनियरिंग या अन्य प्रोफेशनल परीक्षा सहित) 60 % या अधिक अंक या समकक्ष ग्रेड प्राप्त की हो |
7. हिताधिकारी की पत्नी को कुछ छात्रवृत्ति की पात्रता के लिए उसकी आयु 35 वर्ष से अधिक न हो तथा शिक्षणसंस्थान में नियमित अध्ययनरत हो|
8. ग्रीष्म अवकाश के बाद शिक्षण / प्रशिक्षण संस्था खुलने पर छात्र / छात्रा द्वारा आगामी कक्षा में प्रवेश प्राप्त करने पर ही छात्रवृत्ति की पात्रता होगी परन्तु 12 वी कक्षा, डिप्लोमा,,ग्रेजुएट अथवा पोस्टग्रेजुएट पाठ्यक्रम की अंतिम परीक्षा उत्तीर्ण करने की स्तिथि में आगामी कक्षा में प्रवेश लेना आवयशक नहीं होगा |
9. अधिनियम की धारा 17 तथा नियम, 2009 के नियम 45 के प्रावधानुसार जो हिताधिकारी लगातार 1 वर्ष की कालावधि तक अंशदान जमा नहीं करता है तो वह हिताधिकारी नहीं रहेगा, अतः ऐसे अंशदान के जमा करने में चूक करने वाले निर्माण श्रमिकों के पुत्र /पुत्री / पत्नी को योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति देय नहीं होगी। परंतु उपरोक्त धारा एवं नियम के परंतुक के अधीन हिताधिकारी पुनर्स्थापना( रेस्टोरेशन) होने पर छात्रवृत्ति का भुगतान किया जायेगा।
10.किसी वर्ष के लिए छात्रवृत्ति सुसंगत परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने के पश्चात देय होगी।
निर्माण श्रमिक सुलभ आवास योजना
1. मंडल में एक वर्ष से हिताधिकारी के रूप में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हो तथा अंशदान जमा कराया हो|
2. हिताधिकारी के पास आधार कार्ड एवं भामाशाह कार्ड / जन आधार हो|
3.यदि स्वयं के भूमि पर आवस निर्माण करवाना हो तो उक्त भूमि का स्वामित्व पत्नी /पति के मालिकाना हक़ हो तथा उक्त भूखंड सम्पति विवाद रहित हो , बंधक रहित हो|
4. स्वयं की बचत या अन्य स्रोत (बैंक /वित्तीय संस्थान को छोड़कर ) से ऋण ले कर आवास का निर्माण करने की स्थिति में आवास के अनुमानित निर्माण लागत का प्रमाणिकरण पंचायत अथवा नगरपालिका के कनिष्ट अभियंता या उससे उच्च अभियंता से प्राप्त करना आवश्यक होगा|
5. हाउसिंग फॉर आल मिशन (अरबन) या सरकार के अफोर्डएबल हाऊसिंग या मुख्य मंत्री जन आवास योजना या सरकार की अन्य किसी आवास योजना के अंतरगर्त आवास प्राप्त करने की निर्धारित शर्तें व् पात्रता पूरी करता हो |
6. लाभार्थी के निर्माण श्रमिक /पंजीकृत हिताधिकारी होने की जाँच/पुष्टि श्रम विभाग द्वारा की जायेगी तथा केंद्र अथवा राज्य सरकार के किसी आवास योजना में आवास प्राप्त करने की पात्रता की जाँच नगरीय विकास विभाग अथवा आवास योजना से सम्बन्धित अन्य विभाग या एजेंसी द्वारा की जायेगी|
7. स्वयं की बचत या अन्य स्रोत (बैंक /वित्य संसथान को छोड़कर ) से ऋण ले कर आवास का निर्माण करने की स्थिती में,जहाँ नियमों में आवश्यक हो स्थानीय ग्राम पंचायत/नगर पालिका/नगर निगम या अन्य राजकीय संस्थान से भवन का मानचित्र व ले-आउट प्लान स्वीकृत होना अवशयक होगा|
8. यदि किसी सरकरी आवास योजना में, आवास का आवंटन पति/पत्नी के संयुक्त नाम से किये जाने का प्रावधान नहीं हो तो मंडल में पंजीकृत हिताधिकारी को आवंटित आवास के लिये अनुदान देय होगा| अन्य मामलों में पति/पत्नी के संयुक्त मालिकाना हक़ का होना आवश्यक होगा |
9.हिताधिकारी आवास हेतु सहायता/ अनुदान प्राप्त करने के उपरांत 10 वर्ष तक निर्माण अथवा क्रय किया गए अथवा केंद्र या राज्य सरकार की किसी आवास योजना के अंतर्गत प्राप्त किये गए आवास का बेचना, एग्रीमेंट टू सेल या अन्य किसी भी प्रकार से नहीं कर सकेगा, यदि ऐसा किया जाता है तो अनुदान की राशी हिताधिकारी से पुन: वसूल की जाएगी|
10.यदि हिताधिकारी अथवा उसकी पत्नी /पति अथवा आश्रित पुत्री /पुत्र के नाम पर मालिकाना हक़ में पहले से कोई आवास है तो ऐसे हिताधिकारी को को इस योजन में अनुदान /सहायता देय नहीं होगी|
11. जिन हिताधिकारियों ने मंडल की विद्यमान योजना के अंतर्गत सहायता /अनुदान राशी प्राप्त की अथवा जिनको विद्यमान योजना अनुदान/सहायता राशी प्राप्त होती है अथवा जिन्हें इस (नयी) योजना में स्वयं के भूखंड पर आवास निर्माण के लिए अनुदान प्राप्त होता है , वे राज्य /केंद्र सरकार की आवास योजना आवास अनुदान प्राप्त करने का पात्र नहीं होगा|
12. हिताधिकारी की जीवनकाल में एक बार ही आवास अनुदान देय होगा अर्थात मंडल की विद्यमान योजना में आवास हेतु सहायता /अनुदान प्राप्त करने वाले हिताधिकारी इस योजना में आवास अनुदान प्राप्त करने की पात्र नहीं होंगे|
13. पति /पत्नी दोनों के हिताधिकारी होने की स्थिती में एक ही आवास के लिए अनुदान प्राप्त कर सकेंगे|
प्रसूति सहायता योजना
1.महिला श्रमिक अधिनियम की धारा 13 के अंतर्गत हिताधिकारी परिचय पत्रधारी हो |
2. प्रसव के समय महिला हिताधिकारी की आयु 20 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए |
3. प्रसूति हितलाभ अधिकतम दो बार प्रसव हेतु ही देय होगा पंजीयन से पूर्व दो या अधिक संतान होने की स्थिती में सहायता देये नहीं होगी तथा पंजीयन से पूर्व एक संतान होने पर एक ही प्रसव पर सहायता देये होगी |
4. ऐसे निर्माण कर्मकार हिताधिकारी जो मण्डल की निधि में मासिक अभिदाय जमा करने की चूक करते हैं , उन्हें प्रसूति सहायता योजना के लाभ की पात्रता नहीं होगी |
5. पुन: मासिक अदायगी न करने की चूक का नियमानुसार पुनभरण करने पर निर्माण हिताधिकारी कर्मकार प्रसूति सहायता योजना के लाभ की पात्र होगी |
6. योजना के अंतर्गत प्रसूति हितलाभ संस्थागत प्रसव पर ही देये होंगे |
7. पंजीकृत पुरष लाभार्थी की पत्नी (जो मंडल में श्रमिक के तौर मर पंजीकृत नहीं है ) भी इस योजना की पात्र होंगी |